कहानी १५०: निर्जनता का द्वेष 

मत्ती २४:१५-२८, मरकुस १३:१४-२३, लूका २१:२०-२४

Earth in fire

प्रभु यीशु ने चेलों को अगले जन्म के जीवन के विषय में वर्णन दिया। राज्यों में युद्ध होंगे। अकाल होगा जहां लोगों और जानवरों को खाने को नहीं होगा। झूठे भविष्यद्वक्ता खड़े होंगे जो कहेंगे कि वे ही यीशु हैं। जिस समय इंसान और सारी पृथ्वी श्राप के कारण क्लेश उठाएगी, यीशु के पीछे चलने वाले वाले उसका सुसमाचार सुनाएंगे। वे यह घोषित करेंगे कि यीशु उद्धार और आज़ादी को जीत कर ले आया है। परन्तु जिस तरह दुष्ट शिक्षक और फरीसियों ने मसीह को अस्वीकार किया जब वे उसे आमने सामने मिले थे, बहुत से उसके सुसमाचार को अस्वीकार करेंगे जो उसके चेलों ने दिया था। वे यीशु के पीछे चलने वालों को सताएंगे और उन्हें नष्ट कर देंगे। परन्तु यीशु ने जब इस सच्चाई को सुनाया, उसने उन्हें उस इनाम के विषय में वायदा दिया जो उन्हें दिया जाएगा जो वफादारी से अंत तक उसके पीछे चलेंगे। वे यीशु कि उपस्थिति में उस अजर को पाएंगे!

यीशु जब अपने चेलों के साथ जैतून के पहाड़ पर बैठा हुआ था वह उन्हें आने वाली बातों के विषय में समझा रहा था। बाइबिल बताती है कि यह समय तब होगा जब मनुष्य का पुत्र प्रभु के उस को दिन को लेकर आएगा।

“इसलिए जब तुम लोग ‘भयानक विनाशकारी वस्तु को,’ जिसका उल्लेख दानिय्येल नबी द्वारा किया गया था, मन्दिर के पवित्र स्थान पर खड़े देखो।” तब जो लोग यहूदिया में हों उन्हें पहाड़ों पर भाग जाना चाहिये। जो अपने घर की छत पर हों, वह घर से बाहर कुछ भी ले जाने के लिए नीचे न उतरें। और जो बाहर खेतों में काम कर रहें हों, वह पीछे मुड़ कर अपने वस्त्र तक न लें। “उन स्त्रियों के लिये, जो गर्भवती होंगी या जिनके दूध पीते बच्चे होंगे, वे दिन बहुत कष्ट के होंगे। प्रार्थना करो कि तुम्हें सर्दियों के दिनों या सब्त के दिन भागना न पड़े। उन दिनों ऐसी विपत्ति आयेगी जैसी जब से परमेश्वर ने यह सृष्टि रची है, आज तक कभी नहीं आई और न कभी आयेगी।'”

यह समझना कितना कठिन है, है कि नहीं? परमेश्वर “हफ्ते” जैसे शब्द को समय के लिए चिन्ह कि तरह उपयोग करता है जिसे पूर्ण रूप से समझना मुश्किल है। जिस समय यह दुष्ट शासक पृथ्वी पर अपने महान दुष्ट काम करेगा, वे दिन एक साल कि तरह होगा। वह उस बलिदान और भेंट को जो आराधना का चिन्ह है, उसका वह अंत कर देगा। यह दुष्ट शासक जीवते परमेश्वर कि आराधना का अंत कर देगा!

बहुत से यह मानते हैं कि भविष्यवाणी थोड़ी बहुत पूरी हो गयी है। यीशु के जन्म के कई साल पहले, अशकुस नमक राजा जो इस्राएल का दुश्मन था, उसने यूनानी ईश्वर कि मूर्ती को परमेश्वर के पवित्र मंदिर में रखवा दी थी। उसने अपने आदमियों को यह आदेश दिया कि वे यहूदी परमेश्वर को अपवित्र और अपमानित करने के लिए कुछ भी करें। वह यहूदी लोगों को सताता था और इस्राएल का जीवन घिनौना कर दिया था। बहुत से यह मानते हैं कि यह भविष्यवाणी येरूशलेम और मंदिर की बर्बादी है जो 70 AD में हुआ था। परन्तु यह है कि यह भविष्यवाणी होने पर ही पूरी होगी, जब परमेश्वर का विरोधी, शैतान, जो सबसे बुरा भ्रष्टाचार और दुष्टता को लाएगा। हम जानते हैं कि और भी भविष्यवाणी के अनुसार होना है क्यूंकि प्रेरित पौलूस ने उसके विषय में थिस्सलुनिकियों को पत्र में लिखा। यूहन्ना,जो यीशु का चाहिता था, उसने भी प्रकाशितवाक्य कि किताब में लिखा है। यह बाइबिल कि अंतिम किताब है जो बताती है कि कैसे यीशु इस दुनिया का अंत करेगा और एक नया स्वर्ग और पृथ्वी बनाएगा! जब वह समय निकट आएगा, पूरा संसार के महान संकट से गुज़रेगा।

यीशु ने अपने चेलों से कहा:
“’और यदि परमेश्वर ने उन दिनों को घटाने का निश्चय न कर लिया होता तो कोई भी न बचता किन्तु अपने चुने हुओं के कारण वह उन दिनों को कम करेगा। “उन दिनों यदि कोई तुम लोगों से कहे,‘देखो, यह रहा मसीह!’ या ‘वह रहा मसीह’ तो उसका विश्वास मत करना। मैं यह कहता हूँ क्योंकि कपटी मसीह और कपटी नबी खड़े होंगे और ऐसे ऐसे आश्चर्य चिन्ह दिखायेंगे और अदभुत काम करेंगे कि बन पड़े तो वह चुने हुओं को भी चकमा दें। देखो मैंने तुम्हें पहले ही बता दिया है।'”

यीशु अपने चेलों को चेतावनी देने में बहुत सचेत था। वह चाहता था कि वे इसे बाइबिल में लिख दें ताकि हम जान सकें। एक दिन, विश्वासी इसे पढ़ेंगे और अपनी आँखों के सामने उन्हें पूरा होते देखेंगे। हम नहीं जानते कि कब होगा, परन्तु यीशु के पीछे चलने वालों के लिए स्पष्ट है कि वे निश्चिन्त रहे।

यीशु ने कहा:
“’सो यदि वे तुमसे कहें,‘देखो वह जंगल में है’ तो वहाँ मत जाना और यदि वे कहें, ‘देखो वह उन कमरों के भीतर छुपा है’ तो उनका विश्वास मत करना। मैं यह कह रहा हूँ क्योंकि जैसे बिजली पूरब में शुरू होकर पश्चिम के आकाश तक कौंध जाती है वैसे ही मनुष्य का पुत्र भी प्रकट होगा! जहाँ कहीं लाश होगी वहीं गिद्ध इकट्ठे होंगे।'”

यीशु ने बहुत स्पष्ट कर दिया था। जब वह वापस आएगा, वह इस पृथ्वी पर चलने वाले मनुष्य के समान नहीं होगा। जब वह आएगा तब आकाश में चमकते हुए यशस्वी रौशनी के समान आएगा। गिद्ध वह पक्षी है जो मरे हुए को खाता है। वह किसी जानवर कि लाश के ऊपर आये, वह ऊंचे आकाश में उड़ती रहती है। उसी तरह, जब यीशु पृथ्वी पर पापी मनुष्य के मृत्यु और सर्वनाश का न्याय करने आएगा, वह भी ऊपर उड़ता हुआ आएगा। वह इस प्रकार होगा कि सब कोई उसे देखेंगे। यीशु के विश्वासी यह जान जाएंगे कि जो भी यीशु के नाम से आता है और कहता है कि वही यीशु है, वह झूठा है। हमें उन पर ध्यान देने कि कोई आवश्यकता नहीं है। हमारा प्रभु आकाश में आने वाला है!

“’उन दिनों जो मुसीबत पड़ेगी उसके तुरंत बाद,‘सूरज काला पड़ जायेगा, चाँद से उसकी चाँदनी नहीं छिटकेगी आसमान से तारे गिरने लगेंगे और आकाश में महाशक्तियाँ झकझोर दी जायेंगी।’ उस समय मनुष्य के पुत्र के आने का संकेत आकाश में प्रकट होगा। तब पृथ्वी पर सभी जातियों के लोग विलाप करेंगे और वे मनुष्य के पुत्र को शक्ति और महिमा के साथ स्वर्ग के बादलों में प्रकट होते देखेंगे। वह ऊँचे स्वर की तुरही के साथ अपने दूतों को भेजेगा। फिर वे स्वर्ग के एक छोर से दूसरे छोर तक सब कहीं से अपने चुने हुए लोगों को इकट्ठा करेगा।'”

वह कितना शोभामय समय होगा! इतने सालों कि पीड़ा के बाद, यीशु बादलों पर आएगा! आकाशमण्डल के तारे हिल जाएंगे, और सब उस युगानुयुग के राजा को देखेंगे। वह स्वर्ग के राज्य का अधिकार लेगा और राज्य करेगा। जैतून के पहाड़ पर उन चेलों को कैसा लगा होगा। उस ज्योति कि कल्पना कीजिये जो येरूशलेम के शहर से आती है। उन्होंने उस दिन कि कल्पना कैसे की जब यीशु के चेले वहाँ जमा होंगे? क्या आप कल्पना कर सकते हैं?

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